सुप्रीम कोर्ट ने आतंक की परिभाषा विस्तारित की | UAPA | Current Affairs 2026

🏛️ सुप्रीम कोर्ट ने आतंक की परिभाषा विस्तारित करने पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ दीं


📅 तिथि

जनवरी 2026

📍 स्थान

नई दिल्ली

📰 श्रेणी

राष्ट्रीय समाचार | आंतरिक सुरक्षा | संविधान एवं कानून


🔷 प्रस्तावना (Introduction)

भारत में आतंकवाद केवल सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती नहीं है, बल्कि यह संविधान, कानून व्यवस्था, सामाजिक स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक गंभीर विषय है। समय-समय पर न्यायपालिका द्वारा दी गई व्याख्याएँ आतंकवाद की समझ को और अधिक स्पष्ट तथा व्यापक बनाती हैं। इसी क्रम में Supreme Court of India ने हाल ही में आतंकवादी कृत्य (Terrorist Act) की परिभाषा को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ की हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आतंक की अवधारणा केवल शारीरिक हिंसा या हथियारबंद हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कृत्य जो देश की संप्रभुता, एकता, आंतरिक सुरक्षा या आर्थिक स्थिरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाते हैं, वे भी आतंकवाद की श्रेणी में आ सकते हैं। यह टिप्पणी विशेष रूप से UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान की गई।

यह फैसला न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि UPSC, SSC, State PCS, Judiciary, CAPF जैसी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।


🔷 खबर क्या है? (What is the News?)

सुप्रीम कोर्ट ने UAPA के तहत “आतंकवादी कृत्य” की व्याख्या करते हुए कहा कि:

  • आतंकवाद को संकीर्ण परिभाषा में नहीं बाँधा जा सकता
  • केवल प्रत्यक्ष हिंसा ही आतंकवाद नहीं होती
  • ऐसे कृत्य जो:
    • समाज में व्यापक भय उत्पन्न करें
    • राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करें
    • देश की आर्थिक नींव को नुकसान पहुँचाएँ
    • संगठित तरीके से राष्ट्रविरोधी उद्देश्य साधें

वे भी आतंकवाद के अंतर्गत आ सकते हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी कृत्य को आतंकवादी मानने के लिए उसके प्रभाव (Impact) और उद्देश्य (Intent) को समझना अत्यंत आवश्यक है।


🔷 सुप्रीम कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियाँ (Key Observations)

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को निम्न बिंदुओं में समझा जा सकता है:

1️⃣ आतंक की परिभाषा व्यापक है

कोर्ट ने कहा कि आतंकवाद की परिभाषा को केवल हथियारों, विस्फोटों या शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं किया जा सकता। यदि कोई कार्य देश की नींव को हिला देता है, तो वह भी आतंकवाद हो सकता है।

2️⃣ हिंसा का होना अनिवार्य नहीं

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार:

  • आतंक फैलाने के लिए शारीरिक हिंसा आवश्यक नहीं
  • आर्थिक नुकसान, संगठित साजिश, सिस्टम को पंगु बनाना भी आतंकवाद हो सकता है

3️⃣ उद्देश्य (Intent) सबसे महत्वपूर्ण

कोर्ट ने कहा कि किसी कृत्य का:

  • उद्देश्य
  • योजना
  • दीर्घकालिक प्रभाव

यदि राष्ट्रविरोधी है, तो वह आतंकवादी कृत्य माना जा सकता है।

4️⃣ आर्थिक सुरक्षा पर हमला भी आतंकवाद

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि:

  • यदि कोई गतिविधि देश की आर्थिक सुरक्षा को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती है
  • और उसका उद्देश्य राष्ट्र को अस्थिर करना है

तो वह भी आतंकवाद की श्रेणी में आ सकती है।


🔷 UAPA क्या है? (About UAPA)

📘 पूरा नाम

Unlawful Activities (Prevention) Act

📘 उद्देश्य

  • आतंकवादी गतिविधियों को रोकना
  • राष्ट्रविरोधी संगठनों पर प्रतिबंध
  • आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई

📘 मुख्य विशेषताएँ

  • आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित करने की शक्ति
  • व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान
  • लंबी अवधि तक हिरासत की अनुमति
  • राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

UAPA भारत का सबसे प्रमुख Anti-Terror Law माना जाता है।


🔷 यह टिप्पणी क्यों महत्वपूर्ण है? (Why is this Important?)

🔐 1. राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती

यह व्याख्या सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में अधिक कानूनी स्पष्टता देती है।

⚖️ 2. न्यायिक दृष्टिकोण स्पष्ट

कोर्ट ने आतंकवाद को केवल अपराध नहीं बल्कि राष्ट्र के खिलाफ गंभीर चुनौती के रूप में देखा है।

📊 3. आर्थिक आतंकवाद की पहचान

आर्थिक अस्थिरता फैलाने वाले कृत्यों को भी आतंकवाद मानना भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

📚 4. परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी

यह मुद्दा सीधे जुड़ा है:

  • Internal Security
  • Constitution & Law
  • Terrorism & UAPA
  • Governance & Judiciary

🔷 परीक्षा के लिए उपयोगी बिंदु (Exam Oriented Notes)

  • संस्था: Supreme Court of India
  • कानून: UAPA
  • टॉपिक: Terrorism, Internal Security
  • मुख्य शब्द:
    • Terrorist Act
    • National Security
    • Economic Security
    • Intent & Impact
  • Prelims Fact: आतंक की परिभाषा केवल हिंसा तक सीमित नहीं

🔷 संभावित प्रश्न (Expected Questions)

Q1. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आतंकवादी कृत्य क्या है?

👉 ऐसा कोई भी कृत्य जो देश की सुरक्षा, संप्रभुता, एकता या आर्थिक स्थिरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाए।

Q2. क्या आर्थिक नुकसान आतंकवाद हो सकता है?

👉 हाँ, यदि उसका उद्देश्य राष्ट्र को अस्थिर करना हो।

Q3. UAPA का उद्देश्य क्या है?

👉 आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना।


🔷 One-Liner (Revision Ready)

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद केवल शारीरिक हिंसा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुँचाने वाला कोई भी संगठित कृत्य हो सकता है।


🔷 निष्कर्ष (Conclusion)

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी भारत की आंतरिक सुरक्षा नीति और आतंकवाद से लड़ने की कानूनी रणनीति को एक नया आयाम देती है। आतंकवाद की व्यापक परिभाषा न केवल सुरक्षा एजेंसियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि भविष्य में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद करेगी।

यह निर्णय यह स्पष्ट करता है कि आतंकवाद केवल बंदूक या बम से नहीं, बल्कि साजिश, भय और अस्थिरता फैलाने से भी होता है। न्यायपालिका का यह दृष्टिकोण भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


🔷 Source (विश्वसनीय)

  • The Indian Express (UPSC Key – UAPA & Terrorism)
  • Devdiscourse
  • Amar Ujala (Hindi Report)

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