Percentage (प्रतिशत) Quantitative Aptitude का एक बहुत ही महत्वपूर्ण chapter है। Banking, SSC, Railway और अन्य competitive exams में इससे सीधे और indirect दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं।
Percentage की अच्छी समझ होने से 👉 Profit–Loss 👉 Simple & Compound Interest 👉 Data Interpretation जैसे chapters भी आसान हो जाते हैं।
1️⃣ मूल अवधारणा (Basic Concept of Percentage)
प्रतिशत का मतलब होता है 100 में से कितना। Percentage शब्द “Per Hundred” से बना है।
अगर हम कहते हैं 25%, तो इसका मतलब होता है 100 में से 25।
25% = 25/100 = 0.25
50% = 50/100 = 1/2
100% = पूरा
Percentage को fraction या decimal में बदलना exam में बहुत काम आता है।
2️⃣ वृद्धि एवं कमी (Increase & Decrease)
जब किसी मात्रा का मान बढ़ता है, तो उसे वृद्धि (Increase) कहते हैं। और जब किसी मात्रा का मान घटता है, तो उसे कमी (Decrease) कहते हैं।
वृद्धि प्रतिशत का सूत्र:
वृद्धि % = (वृद्धि / मूल मान) × 100
कमी प्रतिशत का सूत्र:
कमी % = (कमी / मूल मान) × 100
एक वस्तु की कीमत 200 थी, बढ़कर 250 हो गई।
वृद्धि = 50
वृद्धि % = (50/200) × 100 = 25%
किसी छात्र के अंक 80 से घटकर 60 हो गए।
कमी = 20
कमी % = (20/80) × 100 = 25%
3️⃣ क्रमिक प्रतिशत (Successive Percentage)
जब किसी मात्रा पर एक के बाद एक percentage change लागू किया जाए, तो उसे क्रमिक प्रतिशत कहते हैं।
Exam में यह chapter अक्सर trick based होता है।
Formula:
यदि x% और y% का क्रमिक परिवर्तन हो, तो कुल परिवर्तन =
x + y + (x × y)/100
किसी संख्या में 10% की वृद्धि और फिर 20% की वृद्धि होती है।
कुल परिवर्तन = 10 + 20 + (10×20)/100
= 30 + 2 = 32%
20% की वृद्धि और फिर 10% की कमी हो।
कुल परिवर्तन = 20 − 10 − (20×10)/100
= 10 − 2 = 8% वृद्धि