राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन 2026
भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की रणनीति
📅 तिथि: 8 जनवरी 2026
📍 स्थान: गुवाहाटी, असम
🔷 खबर में क्या हुआ? (Lead News)
गुवाहाटी में राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का दो-दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र सरकार के साथ सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कपड़ा मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, निवेश बढ़ाना और भारत को World Textile Hub के रूप में स्थापित करने की दिशा में साझा रोडमैप तैयार करना है।
🔶 पृष्ठभूमि: भारत का कपड़ा उद्योग – वर्तमान स्थिति
भारत का कपड़ा उद्योग देश के सबसे पुराने और सबसे अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों में से एक है।
📊 भारत की वर्तमान स्थिति (Facts & Ranking)
- भारत दुनिया का 6वाँ सबसे बड़ा टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यातक है
- वैश्विक टेक्सटाइल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 4%
- कुल निर्यात में कपड़ा क्षेत्र का योगदान: लगभग 8%
- कपड़ा उद्योग भारत के GDP में लगभग 2% का योगदान देता है
- इस क्षेत्र से 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है
👉 यह उद्योग कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता माना जाता है।
🔷 सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य
भारत सरकार का लक्ष्य है कि:
- 2030 तक भारतीय कपड़ा उद्योग का आकार 350 अरब डॉलर तक पहुँचे
- भारत केवल कच्चा माल नहीं, बल्कि high-value finished textile products का प्रमुख निर्यातक बने
- “Made in India” टेक्सटाइल ब्रांड को वैश्विक पहचान मिले
🔶 प्रमुख सरकारी योजनाएँ और नीतियाँ
1️⃣ PM MITRA (Mega Integrated Textile Regions and Apparel)
- बड़े स्तर पर Integrated Textile Parks विकसित किए जा रहे हैं
- इनमें spinning से लेकर garment manufacturing तक पूरी value chain होगी
- इससे निवेश, रोजगार और निर्यात तीनों को बढ़ावा मिलेगा
2️⃣ Production Linked Incentive (PLI)
- MMF (Man-Made Fibre) और Technical Textiles को बढ़ावा
- उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए प्रोत्साहन
3️⃣ Handloom & Handicraft Support
- पारंपरिक बुनकरों के लिए skill, marketing और export support
- GI tagging और branding पर जोर
🔷 भारत के प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टर (Examples)
🔹 तिरुप्पुर (तमिलनाडु)
- Knitwear और readymade garments का वैश्विक केंद्र
- यूरोप और अमेरिका को बड़े पैमाने पर निर्यात
- Fast fashion demand को जल्दी पूरा करने की क्षमता
🔹 सूरत (गुजरात)
- Man-Made Fibre (MMF) और synthetic fabrics का प्रमुख केंद्र
- Polyester, embroidery और fancy fabric production में अग्रणी
🔹 लुधियाना (पंजाब)
- Hosiery और woollen garments के लिए प्रसिद्ध
- MSME आधारित textile ecosystem
🔶 आर्थिक प्रभाव (Economic Impact)
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार
- महिलाओं की बड़ी भागीदारी
- MSME सेक्टर को मजबूती
- विदेशी मुद्रा अर्जन (Forex earnings)
👉 कपड़ा उद्योग Inclusive Growth का महत्वपूर्ण माध्यम है।
⚠️ चुनौतियाँ (Challenges)
- कच्चे माल (कपास, yarn) की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- बांग्लादेश, वियतनाम और चीन से कड़ी प्रतिस्पर्धा
- पर्यावरण नियम और sustainability cost
- लॉजिस्टिक्स और transport लागत
- Skilled labour की कमी
🌱 अवसर (Opportunities)
- Sustainable & eco-friendly textiles की बढ़ती वैश्विक मांग
- Technical textiles (medical, defence, industrial use)
- Free Trade Agreements (FTA) से export boost
- China+1 strategy से भारत को फायदा
📝 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Takeaway)
भारत का कपड़ा उद्योग रोजगार, निर्यात और आर्थिक विकास का प्रमुख स्तंभ है। PM-MITRA, PLI और MMF आधारित रणनीति के माध्यम से भारत 2030 तक वैश्विक टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में अग्रसर है।
❓ FAQs (Exam Friendly)
Q1. भारत टेक्सटाइल निर्यात में विश्व में कौन-सा स्थान रखता है?
➡️ छठा स्थान
Q2. PM MITRA योजना का उद्देश्य क्या है?
➡️ Integrated textile parks बनाकर निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ाना
Q3. भारत का सबसे बड़ा knitwear क्लस्टर कौन-सा है?
➡️ तिरुप्पुर
✅ Conclusion
राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों का सम्मेलन इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल low-cost manufacturer नहीं, बल्कि high-quality global textile leader बनने की तैयारी में है। सही नीतियाँ, निवेश और तकनीकी उन्नयन भारत को आने वाले दशक में टेक्सटाइल महाशक्ति बना सकते हैं।