Pinaka Rocket System: भारत का स्वदेशी मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम (Complete Current Affairs)
परिचय: Pinaka क्या है?
Pinaka भारत का एक अत्याधुनिक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (MBRL) है, जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। यह सिस्टम भारतीय सेना की आर्टिलरी शक्ति की रीढ़ माना जाता है। Pinaka का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के बड़े इलाके (area target) पर बहुत कम समय में भारी मात्रा में सटीक हमला करना है।
इसका नाम भगवान शिव के धनुष “पिनाक” से प्रेरित है, जो इसकी ताकत और मारक क्षमता को दर्शाता है।
Pinaka को मोबाइल प्लेटफॉर्म (ट्रक माउंटेड) पर लगाया जाता है, जिससे यह तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकता है और “Shoot and Scoot” रणनीति के तहत दुश्मन की जवाबी कार्रवाई से बच सकता है।
Pinaka का विकास किसने किया?
Pinaka का विकास भारत के DRDO (Defence Research and Development Organisation) ने किया है। इसके डिज़ाइन, परीक्षण और अपग्रेड में कई DRDO प्रयोगशालाओं की भूमिका रही है।
इसके उत्पादन में भारत की सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल हैं, जिससे यह पूरी तरह Make in India रक्षा परियोजना बनती है।
Pinaka का उद्देश्य भारत को विदेशी रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम पर निर्भरता से मुक्त करना था, और इस लक्ष्य में यह प्रणाली पूरी तरह सफल रही है।
Pinaka की वर्तमान रेंज (Abhi kya range hai?)
Pinaka समय के साथ लगातार अपग्रेड होता रहा है। इसके अलग-अलग वेरिएंट और उनकी रेंज इस प्रकार है:
- Pinaka Mk-I
इसकी शुरुआती रेंज लगभग 40 किलोमीटर है। यह संस्करण भारतीय सेना में पहले से सेवा में है। - Pinaka Mk-I Enhanced / Mk-II
इसमें सुधार के बाद रेंज बढ़कर लगभग 60 से 75 किलोमीटर तक पहुँच गई। - Pinaka Extended Range (ER)
यह संस्करण लगभग 90 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। - Pinaka Long Range Guided Rocket (LRGR / Mk-III)
यह Pinaka का सबसे आधुनिक रूप है, जिसकी रेंज 120 किलोमीटर तक पहुँचाने पर काम किया गया है। हाल ही में इसके सफल परीक्षण भी किए गए हैं।
👉 साफ शब्दों में कहें तो Pinaka अब सिर्फ 40 किमी का रॉकेट सिस्टम नहीं रहा, बल्कि यह 100+ किमी रेंज वाली आधुनिक निर्देशित रॉकेट प्रणाली बन चुका है।
हाल की बड़ी उपलब्धि: क्या नया सुधार हुआ है?
Pinaka में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:
- Guided Rocket Technology
पहले Pinaka अनगाइडेड रॉकेट सिस्टम था, लेकिन अब इसमें गाइडेड रॉकेट जोड़े गए हैं, जिससे इसकी सटीकता (accuracy) कई गुना बढ़ गई है। - 120 KM Range Test
हाल ही में लंबी दूरी वाले गाइडेड Pinaka रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया, जिसने भारत को चुनिंदा देशों की सूची में ला खड़ा किया है जिनके पास ऐसी क्षमता है। - बेहतर सटीकता (Low CEP)
नए वर्ज़न में लक्ष्य से भटकाव बहुत कम है, जिससे कम रॉकेट में अधिक प्रभावी हमला संभव हो गया है। - तेज़ Deployment और Reloading
Pinaka सिस्टम बहुत कम समय में फायर कर सकता है और जल्दी से दोबारा लोड भी हो जाता है।
Pinaka की तकनीकी खासियतें
Pinaka को आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं:
- मल्टी बैरल सिस्टम: एक साथ कई रॉकेट दागने की क्षमता
- मोबाइल प्लेटफॉर्म: ट्रक पर आधारित, कहीं भी तैनात किया जा सकता है
- Fire Control System: कंप्यूटर आधारित लक्ष्य निर्धारण
- Navigation System: INS / GPS आधारित गाइडेंस
- All Weather Capability: हर मौसम में ऑपरेशन योग्य
- Shoot & Scoot Capability: फायर के बाद तुरंत स्थान बदलने की क्षमता
क्या Pinaka का युद्ध में इस्तेमाल हुआ है?
हाँ, Pinaka का वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में उपयोग हो चुका है।
- कारगिल युद्ध (1999) के दौरान Pinaka रॉकेट सिस्टम ने भारतीय सेना को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई थी।
- इसके बाद Pinaka को कई सैन्य अभ्यासों और सीमावर्ती अभियानों में इस्तेमाल किया गया है।
हालाँकि उस समय Pinaka का शुरुआती संस्करण इस्तेमाल हुआ था। आज का Pinaka उससे कहीं अधिक शक्तिशाली, सटीक और लंबी दूरी वाला बन चुका है।
Pinaka भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
Pinaka भारत की रक्षा रणनीति में बेहद अहम स्थान रखता है, इसके पीछे कई कारण हैं:
- पूर्ण स्वदेशी प्रणाली – विदेशी निर्भरता खत्म
- लंबी दूरी से हमला – दुश्मन की सीमा में घुसे बिना वार
- तेज़ प्रतिक्रिया क्षमता – आपात स्थिति में तुरंत जवाब
- निर्यात की संभावना – कई देश Pinaka में रुचि दिखा रहे हैं
- आधुनिक युद्ध के अनुकूल – नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली से जुड़ने में सक्षम
Pinaka Rocket System का निर्यात (Export Order)
भारत ने Pinaka Rocket System के माध्यम से रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Pinaka भारत का पहला ऐसा मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम बन गया है, जिसे विदेशी देश को सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। भारत ने Pinaka सिस्टम का पहला निर्यात Armenia को किया है। यह सौदा लगभग 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹2000 करोड़) का माना जा रहा है। इस समझौते के तहत भारत ने आर्मेनिया को Pinaka मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, गोला-बारूद और संबंधित सपोर्ट सिस्टम की आपूर्ति शुरू की है। यह निर्यात भारत की Make in India और Atmanirbhar Bharat रक्षा नीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इसके अलावा, France ने भी Pinaka Rocket System में गहरी रुचि दिखाई है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग वार्ताओं के दौरान Pinaka सिस्टम को फ्रांसीसी सेना के सामने प्रस्तुत किया गया है, और भविष्य में इसके निर्यात की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ अन्य देशों ने भी Pinaka सिस्टम में रुचि दिखाई है। यह स्पष्ट करता है कि Pinaka अब केवल भारत की रक्षा जरूरतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत को वैश्विक रक्षा निर्यातक देश के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Pinaka आज भारत की आर्टिलरी शक्ति का प्रतीक बन चुका है। यह केवल एक रॉकेट सिस्टम नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का उदाहरण है।
40 किमी से शुरू होकर 120 किमी तक पहुँचने की इसकी यात्रा यह दिखाती है कि भारत अब रक्षा तकनीक में किसी से पीछे नहीं है।
आने वाले समय में गाइडेड Pinaka रॉकेट सिस्टम भारतीय सेना की मारक क्षमता को और अधिक मजबूत करेगा और भारत को वैश्विक रक्षा शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (4 Q&A)
Q1. Pinaka क्या है?
Pinaka भारत का स्वदेशी मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे DRDO ने विकसित किया है।
Q2. Pinaka की वर्तमान अधिकतम रेंज कितनी है?
Pinaka के नए गाइडेड संस्करण की रेंज लगभग 120 किलोमीटर तक पहुँच चुकी है।
Q3. क्या Pinaka का इस्तेमाल युद्ध में हुआ है?
हाँ, Pinaka का उपयोग कारगिल युद्ध और बाद के सैन्य अभियानों में किया गया है।
Q4. Pinaka भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि यह स्वदेशी, लंबी दूरी, उच्च सटीकता और तेज़ प्रतिक्रिया वाली आर्टिलरी प्रणाली है।